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बोतल में पूर्ण आंतरिक परावर्तन

उद्देश्य : पूर्ण आंतरिक परावर्तन का अध्ययन।

उपकरण : बोतल, थोड़ा साधारण नमक, एक लेसर टार्च।

 

भूमिका : जब प्रकाश एक सघन माध्यम से किसी विरल माध्यम में प्रवेश करता है और आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा होता है, तब संपूर्ण प्रकाश सतह से परावर्तित हो जाता है। यदि आपतन कोण क्रांतिक कोण से कम होता है तो प्रकाश का कुछ हिस्सा परावर्तित तो कुछ अपवर्तित हो जाता है। इस कम खर्चीले प्रयोग में माध्यम बदलने के साथ प्रकाश पथों का हम प्रदर्शन करते हैं और इस तरह अपवर्तन से संबंधित प्रत्येक घटना को अवलोकित किया जा सकता है। यह बहुत सरल है और जहां कहीं भी हमने इसे प्रदर्शित किया है इसे बहुत प्रशंसा हासिल हुई है।

 

विधि : एक डिटॉल की खाली बोतल लें और इसकी ऊंचाई के तीन चौथाई हिस्से तक इसमें पानी भर दें। फिर उसमें थोड़ा साधारण नमक डालें। बोतल के ढक्कन को अच्छी तरह बंद कर दें। एक लेसर टार्च को जलाकर उसे बोतल से सटाकर रखें तथा पानी के अंदर तिरछे रूप से प्रकाश डालें। अपने हाथ से टार्च को घुमाकर आपतन कोण को आप बदल सकते हैं। टॉर्च को ऐसे रखें ताकि प्रकाश बोतल की समतल दीवारों के समान्तर लेकिन पानी की सतह से एक कोण बनाते हुए गुजरे।

 पानी में लेसर पुंज के पथ को देख पाना आपके लिए संभव होना चाहिए। यदि यह स्पष्ट रूप से नहीं दिख पा रहा हो तो बोतल को एक सेकेंड के लिए उलट दें। इससे बोतल की तली में इकट्ठा नमक पूरे पानी में फैलकर पूरे पथ को दृश्य बना देगा। लेसर टार्च के झुकाव को धीरे-धीरे बदलें और आप पूर्ण आंतरिक परावर्तन को बहुत स्पष्ट रूप से देखने लगेंगे। यदि आप टॉर्च को ऊर्ध्वाधर स्थिति के पास लाकर आयतन कोण्ा को कम कर देते हैं, तो इससे परावर्तित प्रकाश पुंज की तीव्रता कम हो जाएगी। पानी की सतह से ऊपर बोतल की विपरीत दीवार पर एक प्रकाश बिन्दु सृजित हो जाएगा। इससे यह ज्ञात होता है कि प्रकाश पुंज का एक भाग पानी से निकलकर ऊपर की हवा में जा रहा है और बोतल की दीवार पर पड़ कर प्रकाश बिन्दु बना रहा है।

 अब एक अगरबत्ताी के धुएं को बोतल के अंदर डालें। धुआं पानी की सतह के ऊपर इकट्ठा हो जाएगा। लेसर पुंज को पहले की तरह पानी में भेजें। यदि प्रकाश वायु वाले हिस्से में निकलता है तो यह अपवर्तित प्रकाश पुंज भी दिखाई देगा। अत: क्रातिक कोण से कम मान वाले कोणों के लिए आप परावर्तित और अपवर्तित दोनों प्रकाश पुंजों को देखते हैं तथा क्रांतिक कोणों से बड़े कोणों के लिए केवल परावर्तित पुंज ही दिखता है।