पूर्ण सूर्य ग्रहण 2009 PDF नोटिस
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विषय: सूर्य ग्रहण मिथकों से संबंधित परियोजना प्रिय विपनेट सदस्यों, आपने विपनेट न्यूज़ के पिछले अंक में इस वर्ष 22 जुलाई, 2009 को होने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण के बारे में पढ़ा ही होगा। विपनेट न्यूज के अगामी अंकों में विभिन्न लेखों के माधयम से सूर्यग्रहण एवं इस परिघटना को सुरक्षित तरीके से अवलोकन करने से संबंधित विभिन्न जानकारियां हम देते रहेंगे। विज्ञान प्रसार द्वारा पूर्ण सूर्य ग्रहण के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर सूर्य ग्रहण संबंधित गतिविधिायां आयोजित की जा रही हैं। जिसमें सभी विपनेट क्लब भी शामिल होंगे।विज्ञान प्रसार 22 जुलाई, 2009 को घटित होने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण के अवसर पर विपनेट क्लबों के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित कर रहा है। हमारे सभी विपनेट क्लब इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता में चुने हुए क्लबों के दो सदस्यों तथा संचालक को सूर्यग्रहण के दौरान मधयप्रदेश के सीधी जिले में आयोजित कैम्प में भागीदारी का अवसर दिया जाएगा। इस कैम्प का आयोजन विज्ञान प्रसार एवं राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद् द्वारा एक ऐसे स्थान पर किया जाएगा जो पूर्ण सूर्य ग्रहण पट्टी पर स्थित होगा।इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आपको अपने विपनेट क्लब में एक प्रतियोगिता का आयोजन करना है, जिसमें क्लब के दो-दो सदस्य मिल कर सूर्यग्रहण एवं उससे जुड़े अंधाविश्वासों, मिथकों एवं कहानियों से संबंधित लोगों से वार्तालाप एवं सर्वे इत्यादि कर एक परियोजना तैयार करेंगे। फिर प्रत्येक विपनेट क्लब अपनी चुनी हुई एक परियोजना को विज्ञान प्रसार कार्यालय में 15 जून, 2009 तक डाक या ई-मेल द्वारा भेजेंगे। आपके द्वारा प्रेषित परियोजनाओं के आधार पर देश भर से लगभग 250 चुने हुए क्लबों के 500 सदस्यों एवं 250 संचाचलकों को पूर्ण सूर्य ग्रहण के अवसर पर मधयप्रदेश में आयोजित कैम्प में आमंत्रित किया जाएगा। परियोजनाओं के विवरण को आलेखों के रूप में विपनेट में भी प्रकाशित किया जाएगा। इस कैम्प में लगभग 250 विपनेट क्लबों को भाग लेने का मौका मिलेगा। तो अब देर न करें और तुरन्त अपनी परियोजना को कार्य रूप देना आरम्भ कर दें। हम विपनेट क्लबों से यह अपेक्षा करते हैं कि एक परियोजना के रूप में अपने क्षेत्रा में सूर्य ग्रहण से संबंधिात विभिन्न मिथकों एवं अंधाविश्वासों के बारे में जानकारी एकत्रा कर ये जानने की कोशिश करें कि सूर्य ग्रहण से संबंधिात मिथकों, प्रौराणिक कथाओं, आख्यानों का इतिहास क्या रहा है तथा उनका उद्भव किस प्रकार हुआ, क्या ये मिथक किसी तर्क पर आधाारित हैं या किसी प्रचलित मान्यता पर तथा क्या जन साधारण उनके बारे में क्या विचार रखते हैं। क्या विभिन्न मिथकाें एवं धाराणाओं के पीछे कोई वैज्ञानिक सोच काम कर रही है या नहीं और आज के समय में इनका क्या महत्व है तथा अथवा कितने लोगों को ग्रहण का सही वैज्ञानिक आधार ज्ञात है। विपनेट क्लब सूर्य ग्रहण से संबंधित विभिन्न धारणाओं एवं मिथकों को विज्ञान की कसौटी पर परख कर उनका मूल्यांकन कर विज्ञान प्रसार को 15 जून, 2009 तक डाक या ई-मेल से प्रेषित करें, अपनी परियोजना रिपोर्ट में निम्नांकित बिन्दु अवश्य शामिल करें:- 1. परियोजना का शीर्षक 2. परियोजना के सदस्यों (संख्या 2) के नाम/फोन न./पूरा पता/ई-मेल 3. क्लब समन्वयक का नाम/फोन न./पूरा पता/ई-मेल 4. वि.प्र. द्वारा निर्धारित आपके क्लब की विशिष्ठ स्वीकृत संख्या इसके अलावा आप अपने कार्य क्षेत्रा में खगोलीकी किट की सहायता से ग्रहण से जुडे अंधविश्वासों के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चला सकते हैं। खगोलीकी किट आपके क्लबो को विज्ञान प्रसार द्वारा पहले उपलब्ध कराई जा चुकी है।इस अवसर पर विज्ञान प्रसार एक किट भी तैयार कर रहा है जिसमें अन्य गतिविधियों के अलावा एक सोलर फिल्टर भी होगा जिसकी सहायता से आप पूर्ण सूर्य ग्रहण का नजारा सुरक्षित तरीके से देख सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए आप विज्ञान प्रसार से सीधे संपर्क करें।अपनी परियोजना रिपोर्ट हमें निम्नांकित पते पर भेजें:- सूर्य ग्रहण परियोजना डेस्क, विपनेट न्यूज़, विज्ञान प्रसार, A- 50, सेक्टर 62, नोएडा - 201 307 (उ.प्र.) सधन्यवाद, भवदीय, बी.के. त्यागी
नोटिस: कैम्प का आयोजन सीधी के स्थान पर भोपाल में भीमबेटिका की पहाड़ियों में 19 से 23 जून तक आयोजित किया जाएगा।
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